Manesar News : नाम बड़े दर्शन छोटे, नामी सोसाइटी में RWH को बनाया गंदा नाला
औचक निरीक्षण में खुली पोल स्वच्छ भारत मिशन के एक्सईएन निजेश कुमार ने बताया कि निगम की टीम ने जब ओरिस सोसाइटी का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की स्थिति चौंकाने वाली थी।

Manesar News : नगर निगम मानेसर (MCM) ने पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली सोसाइटियों के खिलाफ अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ताजा मामले में सेक्टर-89 स्थित ओरिस सोसाइटी द्वारा एसटीपी (STP) के अनुपचारित गंदे पानी को सीधे Rain Water Hervesting (RWH) पिट्स में डालने का गंभीर मामला सामने आया है। निगम ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) को सोसाइटी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की सिफारिश भेजी है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल स्वच्छ भारत मिशन के एक्सईएन निजेश कुमार ने बताया कि निगम की टीम ने जब ओरिस सोसाइटी का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की स्थिति चौंकाने वाली थी। सोसाइटी का एसटीपी प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा था। नियमों को ताक पर रखकर गंदा पानी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में प्रवाहित किया जा रहा था। यह न केवल भूजल को दूषित कर रहा है, बल्कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम का भी सीधा उल्लंघन है।

इन धाराओं के तहत होगी कार्रवाई निगम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि दोषी सोसाइटी पर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन एक्ट, 1974 और एनवायरनमेंट (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1986 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, नगर निगम स्वयं भी हरियाणा म्युनिसिपल एक्ट 1994 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
साक्ष्यों के साथ भेजी गई रिपोर्ट निगम आयुक्त प्रदीप सिंह के माध्यम से भेजी गई इस रिपोर्ट में साइट निरीक्षण की तस्वीरें, सैंपल टेस्टिंग की रिपोर्ट और अन्य पुख्ता दस्तावेज शामिल किए गए हैं।

आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा शहर की सोसाइटियों में लगातार चेकिंग अभियान जारी है। यदि कोई भी संस्थान या सोसाइटी एसटीपी संचालन में लापरवाही बरतती पाई गई, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। भूजल और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों पर भारी जुर्माना और जेल, दोनों संभव हैं।










